अपनी सोच का शब्दों से श्रृंगार करें और फिर बाँटें अपने विचर और दूसरे से लें. कितना आसन है उन सबसे लड़ना जो हमें दुश्वार लगते हैं. कोई दिशा आप दें और कोई हम दें 'वसुधैव कुटुम्बकम' कि सूक्ति सार्थक हो जायेगी.
बुधवार, 10 जुलाई 2013
रविवार, 7 जुलाई 2013
मंगलवार, 23 अप्रैल 2013
मंगलवार, 22 जनवरी 2013
गुरुवार, 29 नवंबर 2012
शनिवार, 3 नवंबर 2012